window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); मिजोरम में दाखिल हुए 2000 से अधिक लोग, सेना और मिलिशिया ग्रुप PDF में छिड़ी जंग | T-Bharat
March 15, 2026

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मिजोरम में दाखिल हुए 2000 से अधिक लोग, सेना और मिलिशिया ग्रुप PDF में छिड़ी जंग

आइजोल। म्यांमार के चिन राज्य में एयरस्ट्राइक और जबरदस्त गोलीबारी की वजह से पड़ोसी मुल्क से लगभग 2000 से अधिक लोग मिजोरम में दाखिल हो गए। ये सभी लोग पिछले 24 घंटों में सीमा पार करते हुए मिजोरम में दाखिल हुए।

चम्फाई जिले के डिप्टी कमिश्नर जेम्स लालरिंचन ने एएनआई को बताया कि ये सभी लोग ताजा हवाई हमलों के बीच म्यांमार से 2000 से अधिक लो मिजोरम के चम्फाई जिले में प्रवेश कर गए हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सेना और पीडीएफ के बीच हुई जबरदस्त गोलीबारी

वहीं,  जेम्स लालरिंचन ने आगे जानकारी दी कि म्यांमार की सत्तारूढ़ जुंटा समर्थित सेना और मिलिशिया समूह पीपुल्स डिफेंस फोर्स के बीच भीषण गोलीबारी हुई।

उन्होंने कहा कि लड़ाई तब  हुई जब पीडीएफ ने म्यांमार के चिन राज्य में खावमावी और रिहखावदार में दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया। जेम्स लालरिंचना ने आगे बताया कि म्यांमार के रिहखावदार सैन्य अड्डे को सोमवार तड़के पीपुल्स डिफेंस फोर्स ने अपने कब्जे में ले लिया और खावमावी सैन्य अड्डे पर भी दोपहर तक नियंत्रण हासिल कर लिया।

मिजोरम में मौजूद हैं तीस हजार से ज्यादा म्यांमार के नागरिक

राज्य के गृह मंत्रालय के मुताबिक, वर्तमान में 31,364 नागरिक राज्य के विभिन्न हिस्सों में जीवन जी रहे हैं। ज्यादा शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं।

क्या है पीडीएफ का उद्देश्य

बता दें कि पीपुल्स डिफेंस फोर्स ने म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ जंग छेड़ रखी है।  यह नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट की सशस्त्र शाखा है। बताते चलें कि 1 फरवरी 2021 को हुए सैन्य तख्तापलट के जवाब में पीडीएफ का गठन किया गया है। इस संगठन का उद्देश्य म्यांमार में सैन्य ताकत से लड़ते हुए देश में फिर से चुनी गई सरकार के जरिए लोकतंत्र स्थापित करना है।

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