window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); CM एकनाथ शिंदे पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर, संजय राउत के खिलाफ नासिक में शिकायत दर्ज | T-Bharat
January 30, 2026

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CM एकनाथ शिंदे पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर, संजय राउत के खिलाफ नासिक में शिकायत दर्ज

मुंबई,  उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत के खिलाफ नासिक में शिकायत दर्ज की गई है। बता दें कि संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायत के आधार पर संजय राउत के खिलाफ पंचवटी पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

2000 करोड़ रुपये का हुआ सौदा

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने 19 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि शिवसेना पार्टी के नाम और उसके ‘धनुष और तीर’ चिह्न को प्राप्त करने के लिए अब तक 2000 करोड़ रुपये के सौदे और लेनदेन किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का नाम ‘शिवसेना’ और चुनाव चिन्ह ‘धनुष और तीर’ आवंटित करने के दो दिन बाद राउत की यह टिप्पणी आई है।

भाजपा ने सांसदों, विधायकों को खरीद लिया है

राउत ने दावा किया कि भाजपा के साथ मिलकर सत्तारूढ़ महाराष्ट्र सरकार ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और पार्षदों को खरीद लिया है। उन्होंने कहा, “पार्टी, नेता और बेईमान गुट ने विधायकों के लिए 50 करोड़, सांसदों के लिए 100 करोड़ और हमारे पार्षदों को खरीदने के लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की बोली लगाई। हमारे नाम और सिंबल को लेने के लिए कितनी बोली लगेगी, आप तय करें। मेरी जानकारी में 2,000 करोड़ रुपये है।” राउत ने कहा कि जिस तरह से उनके चुनाव चिह्न और शिवसेना का नाम लिया गया है, वह न्यायसंगत नहीं है। यह एक व्यापारिक सौदा है, जिसके लिए छह महीने के भीतर 2000 करोड़ रुपये का लेन-देन किया जाता है।

ऐसी भाषा बर्दाश्त करने लायक नहीं

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता और प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने 19 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए सांसद संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। महाराष्ट्र को ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए।
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