देहरादून:कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश का स्वागत किया जिसमें कोर्ट ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के लिए एमेजॉन को जिम्मेदार ठहराया था। एक फैसले में कोर्ट ने पहली नजर में एमेजॉन को सरकार की एफडीआई नीति के प्रावधानों के उल्लंघन मामले में भी उत्तरदायी माना था। सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ष्यह फैसला सीएआईटी के रुख की पुष्टि करता है। हमारा लंबे समय से मानना है कि एमेजॉन सरकार की एफडीआई नीति का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। एमेजॉन अपने लाभ के लिए कानूनों का तोड़- मरोड़ कर रहा है। प्रवर्तन निदेशालय और अन्य संवैधानिक अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि कानूनों का दुरुपयोग रोका जा सके। खंडेलवाल ने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से भारत के रिटेल बिजनेस को नियंत्रित करने और उस पर हावी होने के लिए एमेजॉन जो जोड़ तोड़, जबरदस्ती, मनमानी और तानाशाही नीतियां अपना रहा है वह अब समाप्त होनी चाहिए। एमेजॉन ने मनमाने तरीके से फ्यूचर कूपन लिमिटेड पर प्रभुत्व जमा कर फ्यूचर रिटेल का नियंत्रण हासिल कर लिया है और वह भी बिना किसी सरकारी मंजूरी के, अभाव में। व्यापारी संगठन के अनुसार यह फेमा और एफडीआई नियमों के खिलाफ है।
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