window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); तुलाज यूनिवर्सिटी में एजुकेशन कॉन्क्लेव एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन | T-Bharat
September 23, 2026

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तुलाज यूनिवर्सिटी में एजुकेशन कॉन्क्लेव एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन

देहरादून,। तुलाज यूनिवर्सिटी ने सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स, विकासनगर और नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (एनआईएसए) के संयुक्त सहयोग से अपने परिसर में एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, स्कूल प्रमुखों, अकादमिक विशेषज्ञों और साहित्यिक हस्तियों ने भाग लिया तथा शिक्षा, नवाचार, नेतृत्व और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
एजुकेशन कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, शैक्षिक नेतृत्व, नवाचार, कौशल-आधारित शिक्षा, संस्थागत सहयोग और भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा 21वीं सदी के विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक संस्थानों को तैयार करने पर रहा।
कॉन्क्लेव में प्रसिद्ध शिक्षाविद, मोटिवेशनल स्पीकर एवं दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता डॉ. प्रेम कश्यप और डॉ. दिलीप मोदीय एनआईएसए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्माय सीबीएसई देहरादून के ज्वाइंट डायरेक्टर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख मनीष कुमार त्यागीय तथा अशोक कुमार ठाकुर ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने समकालीन शिक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों, उभरते अवसरों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना पर अपने विचार रखे।
तुलाज यूनिवर्सिटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुनील कुमार जैन ने सोम दत्त त्यागी और डॉ. कुलभूषण शर्मा के साथ कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रगतिशील, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा व्यवस्था के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील कुमार जैन ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति तुलाज यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सार्थक साझेदारी और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के नाम रही। प्रसिद्ध कवियों हरिओम पंवार, भूपेंद्र बसेड़ा, दीपक गुप्ता, श्रीकांत, महिमा, मोहित शौर्य, दिव्यांश दुष्यंत और सागर डंगवाल ने देशभक्ति, हास्य, सामाजिक सरोकारों और प्रेरणादायी विषयों पर अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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