window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); लेखक गाँव की साहित्यिक-सांस्कृतिक पहल से प्रभावित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन | T-Bharat
September 23, 2026

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लेखक गाँव की साहित्यिक-सांस्कृतिक पहल से प्रभावित हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन

देहरादून,। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मंगलवार को लेखक गाँव, थानो, देहरादून का अचानक भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने युवा मोर्चा के दिनों की पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए साथ किए गए संघर्ष और सार्वजनिक जीवन की शुरुआती यात्राओं को याद किया।
शाहनवाज हुसैन ने लेखक गाँव के विभिन्न प्रकल्पों एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने नालंदा पुस्तकालय एवं शोध-अनुसंधान केंद्र, अटल प्रेक्षागृह, संजीवनी वाटिका, नक्षत्र वाटिका और लेखक कुटीर सहित परिसर के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। लेखक गाँव की परिकल्पना और यहां विकसित किए जा रहे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को देखकर उन्होंने कहा कि “यहां नालंदा है, यहां तक्षशिला है और जल्दी ही यहां विक्रमशिला भी स्थापित होगी। यह हमारी गौरवशाली परंपरा का ध्वजवाहक है।” उन्होंने कहा कि लेखक गाँव भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
लेखक गाँव की निदेशक विदुषी श्निशंकश् ने शाहनवाज हुसैन को लेखक गाँव की स्थापना की पृष्ठभूमि और इसके उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि लेखक गाँव साहित्य, कला, संस्कृति, प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यहां देश-विदेश के साहित्यकारों, कलाकारों, शिक्षाविदों और सृजनधर्मियों के लिए संवाद, चिंतन और सृजन का वातावरण विकसित किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान शाहनवाज हुसैन ने लेखक गाँव के विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली और परिसर में विकसित की जा रही गतिविधियों को देखा। नालंदा, तक्षशिला और प्रस्तावित विक्रमशिला का उल्लेख करते हुए उन्होंने लेखक गाँव को भारतीय ज्ञान एवं गौरवशाली परंपरा की निरंतरता से जोड़ते हुए इसकी अवधारणा की सराहना की। इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के सचिव बालकृष्ण चमोली, कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. के.के पांडे सहित लेखक गांव परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

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