window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने और जर्जर अस्पताल भवन के पुनर्निर्माण की मांग | T-Bharat
August 21, 2026

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विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने और जर्जर अस्पताल भवन के पुनर्निर्माण की मांग

रुद्रप्रयाग,। जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने स्वास्थ्य महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से मुलाकात की। उन्होंने जिला अस्पताल समेत अगस्त्यमुनि और जखोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, जांच सुविधाओं की स्थिति, जर्जर भवन और एंबुलेंस व्यवस्था समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। स्वास्थ्य महानिदेशक ने समस्याओं के समाधान और जल्द आवश्यक चिकित्सकों की तैनाती का आश्वासन दिया।
मोहित डिमरी ने कहा कि पर्वतीय जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है। जिला अस्पताल में ईएनटी, नेत्र रोग, जनरल सर्जन, स्त्री एवं प्रसूति रोग और बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य चिकित्सकों की कमी है। इसका सीधा असर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट की कमी के कारण अल्ट्रासाउंड समेत कई महत्वपूर्ण जांच सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त विशेषज्ञों की तैनाती और अल्ट्रासाउंड सेवाओं को नियमित कराने की मांग की। मोहित डिमरी ने कहा कि अगस्त्यमुनि सीएचसी में प्रतिदिन करीब 400 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन यहां आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और सोनोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को जांच और उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है।
उन्होंने जखोली सीएचसी की स्थिति भी महानिदेशक के सामने रखी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, सर्जन, मेडिसिन, बाल रोग, हड्डी रोग और रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की कमी है। अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ के अभाव में इसका नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे विशेषकर गर्भवती महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जखोली सीएचसी के करीब 40 वर्ष पुराने भवन की जर्जर स्थिति का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि भवन में जगह-जगह सीलन और पानी का रिसाव है तथा बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। कर्मचारियों के आवासीय भवन भी खराब स्थिति में हैं। उन्होंने तकनीकी जांच कराकर पुराने भवन के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाने की मांग की।
मोहित डिमरी ने जिले में 108 एंबुलेंस सेवा को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में आपातकालीन परिवहन व्यवस्था दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कर्मचारियों की तैनाती की समीक्षा कर जरूरत वाले स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने जिला अस्पताल से कोटेश्वर अस्पताल के वार्ड में भर्ती के लिए भेजे जाने वाले मरीजों के लिए समर्पित एंबुलेंस या मरीज परिवहन वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वाहन के अभाव में गंभीर और गरीब मरीजों को परेशानी होती है।
मोहित डिमरी ने कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार और विभाग को 15 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनहित में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के लोगों को सामान्य इलाज के लिए देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर या अन्य शहरों की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए जिले के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं और बेहतर आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

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