window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); कोटद्वार ही चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली, पुरातत्त्व विभाग की टीम करेगी जाँच | T-Bharat
January 29, 2026

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कोटद्वार ही चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली, पुरातत्त्व विभाग की टीम करेगी जाँच

कोटद्वार,। सनातन महापरिषद भारत के पदाधिकारियों के भगीरथ प्रयास तथा प्राचीन भारत के इतिहास को पुनर्जीवित कर आधुनिक भारत में उसे सम्मान दिलाने के प्रयासों के फल स्वरुप कण्वाश्रम का भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों ने आज सर्वे किया तथा शिलाओ,मूर्तियां और वास्तु शिल्प के नमूनों व पुराने बर्तन के टुकड़ों का संग्रहण एवं निरीक्षण किया तथा मालिनी नदी के दोनों किनारो का भी सर्वे किया और पुरातात्विक महत्व के दृष्टिगत तमाम नमूनों को परीक्षण हेतु एकत्रित किया।
उपरोक्त कण्वाश्रम के जीर्णोद्धार के लिए सनातन महापरिषद ने कई वर्षों से तथा कई सरकारों मे प्रयास किया। परंतु सनातन महापरिषद भारत के निवेदन को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा गंभीरता से लिया गया एवं कमिश्नर, गढ़वाल को इस संबंध में निर्देशित किया गया।जिसके फल स्वरुप आज यह संभव हुआ है। इस हेतु गढ़वाल कमिश्नर विजय शंकर पाण्डेय एवं जगदीश चन्द्र काण्डपाल जी का विशेष रूप से धन्यवाद। सनातन महापरिषद के पदाधिकारियों भवान सिंह रावत राष्ट्रीय अध्यक्ष, सी एम पाण्डेय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कंचन सुण्डली,अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, शैलेन्द्र रावत मेयर कोटद्वार, अशोक असवाल, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, सोम प्रकाश गौड़ प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली, योगी महेन्द्रनाथ प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष  उत्तराखंड तथा बबीता राय जी अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश सनातन महापरिषद भारत के उक्त निवेदन को मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी तथा सांसद गढ़वाल अनिल बलूनी का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।
इसी माह सनातन महापरिषद भारत के पदाधिकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर कण्वाश्रम के जीर्णोद्धार के कार्य को प्रारंभ कराने हेतु धन्यवाद ज्ञापन करेंगे और आगामी कुंभ 2027 के आयोजन में सनातन महापरिषद भारत के कुछ सुझाव व मांगों पर विचार विमर्श करेंगे।

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