window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); धामी यूसीसी बॉय नहीं, बल्कि संस्कृति के ध्वजवाहकः चौहान | T-Bharat
January 29, 2026

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धामी यूसीसी बॉय नहीं, बल्कि संस्कृति के ध्वजवाहकः चौहान

देहरादून,। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी यूसीसी बॉय नही, बल्कि संस्कृति के ध्वजवाहक हैं और कांग्रेस को राज्य नही, बल्कि तुष्टिकरण की फिक्र है। पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि  लिव-इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है।लेकिन वर्तमान समय की परिस्थितियों को देखते हुए और अलग अलग मामलों में मा.न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों के क्रम में इसकी आवश्यकता महसूस की गई। हमारी प्राथमिकता सदैव हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा रही है। इस तरह के पंजीकरण की व्यवस्था से कोई अपनी पहचान नहीं छिपा पाएगा और उनके अभिभावकों को भी जानकारी रहेगी।
चौहान ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में हमने कई हृदयविदारक घटनाएँ देखी जिसमें पहचान छिपाकर दूसरे पक्ष के साथ धोखा धड़ी की गई। दिल्ली में श्रद्धा वालकर के साथ हुई घटना से हर व्यक्ति को पीड़ा हुई है। यदि लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता, तो शायद आफताब जैसे अपराधी इतने बड़े अपराध को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचते। लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इस तरह के अपराधियों को अपनी पहचान छिपाने और महिलाओं को धोखा देने का अवसर मिल जाता है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सहित कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ दूषित मानसिकता वाले लोग सोशल मीडिया पर फर्जी नामों से खाते बनाकर दूसरी धार्मिक पृष्ठभूमि की महिलाओं को बहकाने का प्रयास करते हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड (न्ब्ब्) में प्रस्तावित प्रावधानों के तहत, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह प्रावधान विशेष रूप से हमारी बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।इसमें साथ ही साथ पुरुष की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उत्तराखंड की संस्कृति और मूल स्वरूप को बचाने के लिए हम पहले कड़ा धर्मांतरण कानून ले आए और अब यूसीसी को लागू किया है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस को यूसीसी पर सवाल उठाने से पहले अपना मंतव्य साफ करना चाहिए कि वह प्रदेश के हित मे चिंतन कर रही है या समुदाय विशेष के लिए। यूसीसी भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा था और वह राज्य की संस्कृति के सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

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