window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); राफेल सौदे की सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट | T-Bharat
January 30, 2026

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राफेल सौदे की सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

new delhi:राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय के फिर से सुनवाई करने के लिए तैयार होने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में सच सामने आकर रहेगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, मोदी जी जितना चाहें भाग सकते हैं और झूठ बोल सकते हैं। लेकिन आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि राफेल घोटाले की परतें एक-एक करके खुल रही हैं। अब कोई गोपनीयता का कानून नहीं है जिसके पीछे आप छिप सकें। सुरजेवाला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी। सुरजेवाला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। परेशान मोदी जी ने राफेल के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून लगाने की धमकी दी। चिंता मत करिए मोदी जी, अब जांच होने जा रही है चाहे आप चाहें या नहीं चाहें। राफेल को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, श्मोदी जी हर जगह कह रहे थे कि उन्हें उच्चतम न्यायालय से राफेल में क्लीन चिट मिली है। आज के न्यायालय के फैसले से साबित हो गया कि मोदी जी ने राफेल में चोरी की है, देश की सेना से धोखा किया है और अपना जुर्म छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी राफेल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, श्राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में राफेल रक्षा सौदे में भारी गड़बड़ी-भ्रष्टाचार को छिपाने की पीएम मोदी सरकार की कोशिश विफल। सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी सरकार पूरी तरह घिरी। संसद के भीतर व बाहर बार-बार झूठ बोलकर देश को गुमराह करने के लिए मोदी माफी मांगे व रक्षा मंत्री इस्तीफा दें। विपक्ष जहां राफेल को लेकर एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। वहीं अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बता दें कि आज उच्चतम न्यायालय अपने पूर्व के फैसले पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गई है। पिछले साल 14 दिसंबर को अदालत ने सरकार को क्लीनचिट देते हुए अदालती निगरानी में इसकी जांच करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।

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