नैनीताल। लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व सचिव और वर्तमान में उत्तराखंड शासन में अपर सचिव समाज कल्याण के पद पर तैनात उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी रामविलास यादव ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर मंगलवार 21 जून को सुनवाई होनी है।
विजिलेंस की ओर से आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईएएस अधिकारी रामविलास यादव पर आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। आईएएस अधिकारी का कहना है कि उनके पास मौजूदा संपत्ति में से अधिकांश उनकी पुश्तैनी संपत्ति है।
उनकी पुत्री अमेरिका में वकालत करती है। वह भी उन्हें धनराशि भेजती है। वह विजिलेंस की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच में पूरी तरह से सहयोग के लिए तैयार हैं। इसलिए उनका किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए और उनकी गिररफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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