window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); वैक्सीन लगाने के एक दिन बाद शख्स की मौत | T-Bharat
March 16, 2026

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वैक्सीन लगाने के एक दिन बाद शख्स की मौत


रांची : झारखंड में कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के एक दिन बाद एक और शख्स की मौत हो गई। मृतक की पहचान 74 वर्षीय कंदरा गांव के निवासी चंद्रदीप सिंह के रूप में की गई है। सिंह की मौत के साथ ही राज्य में पिछले 10 दिनों में यह इस तरह का तीसरा मामला है। फिलहाल सरायकेला खरसावां के जिला अधिकारी सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चंद्रदीप सिंह और उनकी पत्नी को शनिवार (20 मार्च) को कोविशील्ड की पहली खुराक दी गई थी। सिंह की बहू मंता कुमारी का कहना है कि उनके ससुर मधुमेह से पीडि़त थे, लेकिन यह नियंत्रण में था।
टीकाकरण के बाद तबीयत हुई खराब
मंता ने कहा, “उन्होंने टीका लगवाने के बाद बुखार की शिकायत की थी। अगले दिन हम उन्हें टीकाकरण शिविर में गए जहां हमें कहा गया कि यह सामान्य बात है। हालांकि, रविवार शाम लगभग साढ़े चार बजे उन्होंने बेचैनी की शिकायत की। ऐसे में उन्हें जमशेदपुर के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। टीकाकरण के बाद ही उन्हें समस्या शुरू हुई थी।
इस मामले में सिविल सर्जन हिमांशु बुरवार ने कहा कि सिंह और उनकी पत्नी को शनिवार के दिन कोविशील्ड वैक्सीन दी गई। सिंह अस्वस्थ थे। फिलहाल हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी मौत के कारण का पता चल सके।
गौरतलब है कि कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद किसी की मौत हो जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते शुक्रवार (19 मार्च) को सिमडेगा जिले में टीका लगाए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर एक 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान जेठू कोटवार के रूप में की गई। जानकारी के अनुसार कोटवार टीका लगवाने के बाद ही बेहोश हो गए थे। ऐसे में रांची अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जामताड़ा जिले में 15 मार्च को एक 72 साल के वृद्ध शिवचरण मंडल की मौत भी कोविशील्ड टीका लगवाने के बाद हो गई। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने टीकाकरण के कुछ घंटों बाद सीने में दर्द की शिकायत की थी। मंडल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत किन कारणों से हुई इस बात को उनकी विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद साझा किया जाएगा। उनके बेटे द्वारका मंडल के बयान के आधार पर करमाटांड़ पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। द्वारका ने कहा, “पिता को सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिवार ने एक स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया। उस समय डॉक्टर ने कहा था कि सीने में दर्द गैस्ट्रिक समस्या के कारण हो सकता है। इसके बाद उन्होंने पिता को एक इंजेक्शन दिया, लेकिन 10 मिनट के बाद मेरे पिता ने फिर से सीने में दर्द की शिकायत की। ऐसे में हम उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।

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