
हरिद्वार,(Amit kumar): गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में चल रही वेबिनार के दूसरे दिन के सत्र के आरम्भ में प्रो0 जी0डी0 शर्मा, डीन फैकल्टी आफ योग सुलुनी विश्वविद्यालय सोलन हिमाचल प्रदेश ने कहा कि योग एक ऐसी विद्या है, जिसके माध्यम से शरीर व मन दोनों को निरोगी रखा जा सकता है और आज के समय में कोविड-19 व उससे उत्पन्न मनोविकारों को योग के माध्यम से आसानी से दूर किया जा सकता है।योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 राकेश गिरी ने स्वरयोग का अभ्यास करते हुए शरीर व मन को किस प्रकार स्वस्थ रखा जा सकता है तथा कोरोना वायरस से मुक्ति में स्वर योग से किस प्रकार लाभ लिया जा सकता है पर प्रकाश डाला। डा0 सुरेन्द्र त्यागी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में कोरोना वायरस से उत्पन्न शारीरिक बीमारी व उससे उत्पन्न मनोविकार तथा विश्व स्तर पर बढ़ रही हिंसा राष्ट्रो के मध्य युद्ध जैसी स्थितियों को यौगिक आहार, योगांगो के अभ्यास के माध्यम से दूर किया जा सकता है।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, हिमाचल प्रदेश के डा0 सत्य प्रकाश पाठक ने कहा कि हठयोग के अभ्यास से कोविड-19 जैसी महामारी को नियन्त्रित किया जा सकता है। उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के डा0 लक्ष्मी नारायण जोशी ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय शोधों के उदाहरण देकर बताया कि ध्यान, प्राणायाम आदि योगांगों के अभ्यास से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और कोविड-19 से ग्रस्त व्यक्ति अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं। सत्र के अन्त में संकायाध्यक्ष प्रो0 ईश्वर भारद्वाज ने सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के संयोजक डा0 उधम सिंह ने बताया कि कल के तृतीय और अन्तिम दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि डा0 सुशील कुमार गुप्ता जीवाजी विश्वविद्यालय, डी0आर0डी0ओ0 के वैज्ञानिक प्रो0 एम0 शाह, डा0 साधना दोनेरिया, भोपाल, डा0 कामाख्या कुमार, संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार डा0 राघवेन्द्र राव, डायरेक्टर के0यो0प्रा0वि0, अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली का व्याख्यान रहेगा। कार्यक्रम का संचालन डा0 सुरेन्द्र त्यागी व डा0 ऊधम सिंह ने किया।

More Stories
जनता दर्शन में उमड़ी भीड़ः 1़9़5 फरियादी पहुंचे समाधान की आस में
बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों को मिला आत्मविश्वास और मानसिक शांति का मंत्र
उत्तराखण्ड में कोडीन युक्त कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, जन स्वास्थ्य सर्वोपरि