by Amit gupta
आम आदमी पार्टी की प्रदेश संचालन समिति के पूर्व अध्यक्ष नवीन पिरशाली ने कोरोना से निपटने के राज्य सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताते हुए कहा कि आज हमारे प्रदेश समेत पूरा देश संकट काल से गुजर रहा है और संकट की इस घड़ी में हमारा मकसद सरकार पर आरोप प्रत्यारोप करना नहीं है परंतु जिस प्रकार धरातल पर जनता को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, मुख्यमंत्री जी ने जिलों को कैबिनेट मंत्रियों के हवाले कर दिया है और मंत्रियों की धरातल पर कोई गतिविधि नहीं हो रही है जिससे जनता को हौसला मिल सके। शासन के इस उदासीन रवैये को देख कर नही लगता है कि सरकार युद्धस्तर पर कोरोना से निपटने के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने जिम्मेदारी पूरी तरह से मेडिकल और पुलिस डिपार्टमेंट पर छोड़ दी है। सुविधाओं के आभाव में वो लोग काम कर रहे हैं। सरकार की ओर से कोई चुस्ती समस्या से निपटने में नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार की तर्ज पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लगे स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों व सफाईकर्मियों को पूरी सुविधा व स्वास्थ्य सुरक्षा दी जाये और कोई अनहोनी होने पर परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की जाये।
श्री पिरशाली ने कहा कि सरकार राज्य में फसे लोगो को चिन्हित कर विशेष प्रबंध से उन्हें उनके गंतव्यों तक भेजे।
कालाबाज़ारी को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करे। प्रदेश की जनता जो लॉकडाउन की वजह से घर में बंद हो गयी है उसको राहत देने के लिए कम से कम बिजली, पानी और राशन की दुकानों पर राशन फ्री करना चाहिए। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन को सरकार की तरफ से उचित दिशा निर्देश नही मिल पा रहे हैं। सरकार को इस समय उत्तराखण्ड प्रशासन के कुशल अधिकारियों की सहायता लेनी चाहिए जिनके पास प्रशासन चलाने का अच्छा अनुभव है, और उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी लेते हुए प्रशासन का उचित दिशा निर्देश दे।

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