window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); प्रदेश में यूसीसी की तर्ज पर लागू हो महिला आरक्षणः आप | T-Bharat
May 2, 2026

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प्रदेश में यूसीसी की तर्ज पर लागू हो महिला आरक्षणः आप

देहरादून,। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने पत्रकार वार्ता में कहा की महिला आरक्षण को लेकर केंद्र से लेकर राज्यों तक जो गहमा गहमी का माहौल बीजेपी द्वारा बनाया गया है और परिसीमन बिल को महिला आरक्षण बता कर देश की महिलाओं व जनता को गुमराह किया जा रहा है। इस पर आम आदमी पार्टी का कहना है की बीजेपी जनता को मूर्ख बनना बंद करे। क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हकीकत नहीं बल्कि बीजेपी द्वारा जनता से किया गया छलावा है। विगत दिनों केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाया गया नारी वंदन अधिनियम 2026 जो बहुमत न होने के कारण सदन में गिर गया। जिसका आरोप बीजेपी विपक्ष पर लगा कर खूब राजनीतिक रोटियां सेक रही है। पर सवाल यह उठता है क्या यह बिल सच में महिला आरक्षण बिल था या महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह नौटंकी क्या थी।
यदि यह महिला आरक्षण बिल था तो 2023 में जो कानून बना वह क्या था। यदि केंद्र सरकार असल में महिला हितैषी है और महिलाओं को मुख्य धारा में लाना चाहती है। तो लोक सभा या देश में जहां जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है महिलाओं को उनका 33/आरक्षण दे। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर यह कहना कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है, पूरी तरह से झूठ और भ्रामक बयान है। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद के दोनों सदनों से पहले ही पारित हो चुका है, ऐसे में इस तरह की बयानबाजी केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। यदि बात उत्तराखंड की करें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मशाल रैली निकालना भी जनता को भ्रमित करने जैसा कदम था। यदि मुख्यमंत्री इतने महिला हितैषी हैं जितना वह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं तो यूसीसी की तर्ज पर उत्तराखंड की महिलाओं को आने वाले 2027 के चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण दे और उत्तराखंड को महिला आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य घोषित करें।
आम आदमी पार्टी  उत्तराखंड आज इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से भाजपा और कांग्रेस दोनों से सीधा सवाल करती है। की क्या वे 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की नीतियों के अनुसार 33ः महिलाओं को टिकट देंगी ? इसके लिए किसी नए कानून या बिल की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं को 33ः आरक्षण देने के लिए किसी कानूनी बाध्यता की जरूरत नहीं है। भाजपा और कांग्रेस यदि सच में महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्ष में हैं, तो वे आगामी चुनाव में इसे लागू कर करें, परंतु राष्ट्रीय टीवी पर केवल दिखावा करना और जनता को गुमराह करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की जनता से अपील करती है कि वे इन झूठे वादों और दिखावे की राजनीति को समझें और सच्चाई के साथ खड़े हों। पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से उमा सिसोदिया, सुधा पटवाल, यामिनी आले, दीप्ति रावत बिष्ट,मंजू शर्मा,गीता सिंह,शरद जैन, हरि सिमरन, संजय क्षेत्री, वीर सिंह, विपिन खन्ना, जितेंद्र पंत, श्याम बाबू, देवेंद्र कौटिल्य, डी के पाल, आदि मौजूद रहे।

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