window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); ‘नीली छतरी’ के माध्यम से आसरा ट्रस्ट के बच्चों ने छुआ दर्शकों का दिल | T-Bharat
April 27, 2026

TEHRIRE BHARAT

Her khabar sach ke sath

‘नीली छतरी’ के माध्यम से आसरा ट्रस्ट के बच्चों ने छुआ दर्शकों का दिल

देहरादून,। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल ने आज दून इंटरनेशनल स्कूल, रिवरसाइड कैंपस में ‘नीली छतरी’ शीर्षक से एक आकर्षक संगीतात्मक नाटक का मंचन किया। यह प्रस्तुति प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड के कालजयी उपन्यास ‘द ब्लू अम्ब्रेला’ से प्रेरित एक भावनात्मक रूपांतरण थी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मासूमियत, चाहत और जीवन की सरल खुशियों की एक कोमल दुनिया में ले गई, जहाँ एक साधारण छतरी एक यादगार कहानी का केंद्र बन जाती है। संगीत, अभिव्यक्ति और सशक्त कथानक के माध्यम से इस नाटक ने बॉन्ड की अमर कहानी की भावनात्मक गहराई और आकर्षण को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
इस नाटक का मंचन आसरा ट्रस्ट के बच्चों द्वारा अधवन नाट्यशाला के सहयोग से किया गया, जिसने युवा प्रतिभाओं को उजागर करने के साथ-साथ थिएटर को अभिव्यक्ति और सीखने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर साहित्य प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई, जिसमें देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की तिथियाँ 27, 28 और 29 नवम्बर 2026 घोषित की गईं। इस वर्ष का विषय है “वॉयसेस ऑफ टुमारोरू लाइफ, लिटरेचर एंड लिगेसी”।
यह कार्यक्रम रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसने साहित्यिक उत्कृष्टता और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के प्रति फेस्टिवल की प्रतिबद्धता को और सशक्त किया। इस अवसर पर देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक समरांत विरमानी ने कहा, “‘नीली छतरी’ रस्किन बॉन्ड की कालजयी कहानी को एक श्रद्धांजलि है, जिनकी रचनाएँ पीढ़ियों को प्रेरित करती रही हैं। बच्चों द्वारा इस कहानी को जीवंत करना इसमें एक विशेष भावनात्मक गहराई जोड़ता है, जो दर्शकों को गहराई से प्रभावित करता है। हम देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की ओर देखते हुए, जो 27, 28 और 29 नवम्बर को आयोजित होगा, ऐसे मंच बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जहाँ साहित्य को केवल पढ़ा ही नहीं, बल्कि जीवंत रूप में अनुभव भी किया जाए।” इस अवसर पर एच.एस. मान, समरांत विरमानी, सिद्धार्थ बॉन्ड, आसरा ट्रस्ट के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएँ और शिक्षक उपस्थित रहे।

news
Share
Share