हरिद्वार,। छोटे शहरों और आध्यात्मिक जगहों में रियल एस्टेट की डिमांड बढ़ रही है। लोगों का झुकाव अब सामान्य प्लॉटेड प्रॉपर्टी के बजाय प्लान्ड इंफ्रास्ट्रक्चर वाली टाउनशिप्स की तरफ बढ़ रहा है। हरिद्वार इस मामले में खास तौर पर उभर रहा है क्योंकि दिल्ली-एनसीआर से नजदीक है, कनेक्टिविटी अच्छी है और यहां सेकंड होम व वेलनेस लिविंग की डिमांड भी बढ़ रही है। इसी बीच हीरो रियल्टी का प्रोजेक्ट अलकनंदा एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आया है कि प्लान्ड टाउनशिप कैसे लंबे समय का वैल्यू क्रिएट कर सकती है।
ज़ोयो रियल्टी के फाउंडर और हीरो रियल्टी के चैनल पार्टनर रणवीर सिंह कहते हैं मैंने हीरो रियल्टी के दोनों प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिसमें अलकनंदा भी शामिल है। इनमें अमेनिटी और फैसिलिटी सबसे अच्छी हैं जिसकी वजह से कस्टमर्स संतुष्ट हैं और प्रॉपर्टी की वैल्यू भी अच्छी खासी बढ़ी है। कंपनी हर स्तर पर पूरी पारदर्शिता रखती है। हीरो रियल्टी रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में भरोसेमंद नाम है और वे हर बायर की जरूरत के हिसाब से टेलर्ड सॉल्यूशन देते हैं।”
अलकनंदा हरिद्वार में दिल्ली-देहरादून हाईवे (एनएच-58) पर स्थित एक 88 एकड़ के बड़े टाउनशिप का हिस्सा है। यह 4.7 एकड़ में फैला प्लॉटेड प्रोजेक्ट हाल ही में लॉन्च हुआ था। इस प्रोजेक्ट में 170 से ज्यादा रेसिडेंशियल प्लॉट्स थे। लॉन्च होते ही सारे प्लॉट्स बिक गए। 35 लाख रुपये से शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट को फरवरी 2029 तक पूरा करने का प्लान है। यह प्रोजेक्ट मिड सेगमेंट हाउसिंग में आता है, जहां एंड यूजर्स के साथ-साथ लंबे समय के निवेशक भी आकर्षित हो रहे हैं।
इस तरह के प्रोजेक्ट्स में सबसे अधिक प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर होता है। अलकनंदा में ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का काम लगभग पूरा हो चुका है। रोड नेटवर्क और आवश्यक सेवाएं शुरुआती स्टेज में ही तैयार कर दी गई हैं। टाउनशिप में स्पोर्ट्स फैसिलिटी, कम्युनिटी स्पेस और ग्रीन एरिया जैसी लाइफस्टाइल सुविधाएं भी हैं। साथ ही आईआईटी रुड़की और पतंजलि आयुर्वेदिक अस्पताल जैसे संस्थानों के निकट होने का फायदा भी मिलता है।
इससे पता चलता है कि अब लोग अलग-अलग प्लॉटेड लेआउट की बजाय सेल्फ-सस्टेनेबल रेसिडेंशियल कम्युनिटी बनाना चाहते हैं। इन्वेस्टमेंट के लिहाज से भी इलाके का रिकॉर्ड अच्छा है। बाजार के सूत्रों के मुताबिक पिछले 13 सालों में इस माइक्रो मार्केट में प्रॉपर्टी वैल्यू में करीब 5 गुना बढ़ोतरी हुई है यानी 500 प्रतिशत के आसपास। इससे हरिद्वार सिर्फ आध्यात्मिक जगह नहीं बल्कि स्थिर और लंबे समय के रिटर्न देने वाला रियल एस्टेट मार्केट भी बन गया है। हरिद्वार जैसे शहरों के विकास के साथ प्लान्ड डेवलपमेंट की जरूरत और बढ़ेगी। अलकनंदा जैसे प्रोजेक्ट्स दिखाते हैं कि अच्छी प्लानिंग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप्स न सिर्फ सस्टेनेबल शहरी विकास में मदद करती हैं बल्कि आज के खरीदारों की आधुनिक जरूरतों को भी पूरा करती हैं।
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