window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); शासकीय व अद्र्धशासकीय विश्राम भवनों में राजनीतिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी | T-Bharat
January 30, 2026

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शासकीय व अद्र्धशासकीय विश्राम भवनों में राजनीतिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी

गरियाबंद, । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय निर्वाचन-2019 के लिए कार्यक्रम जारी किए जाने के साथ ही जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। प्रावधान के अनुसार नगरीय निकाय निर्वाचन की घोषणा होने की तिथि से निर्वाचन समाप्ति की तिथि के मध्य कोई भी राजनैतिक दल के व्यक्ति, मंत्रीगण, सार्वजनिक उपक्रमों के पदाधिकारी, शासकीय अथवा अद्र्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में निर्वाचन का प्रचार-प्रसार अथवा राजनैतिक उद्देश्य से न तो ठहर सकेंगे और न ही वहां पर राजनैतिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री श्याम धावड़े द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पात्रतानुसार तथा उपलब्धतानुसार उन्हें इन विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में कक्ष उपलब्ध कराया जा सकता है, किन्तु इस हेतु भोजन आदि की व्यवस्था नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पात्रतानुसार ठहरने वाले व्यक्ति से निर्धारित राशि जमा कराकर विधिवत रसीद दी जाएगी। टेलीफोन हेतु पृथक से रजिस्टर रखा जाएगा तथा किए गए कॉल की निर्धारित राशि तुरंत प्राप्त कर ली जाएगी। किसी प्रकार राजनैतिक बैठक अथवा विचार के संबंध में नाम, पता, ठहरने का प्रयोजन ली गई राशि इत्यादि का सभी व्यौरा अंकित किया जाएगा। जब भी प्रेक्षक या निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी इन अभिलेखों की मांग करेंगे तो उन्हें अवलोकन हेतु अभिलेख उपलब्ध कराया जाएगा। शासकीय एवं अद्र्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस, ऑफिसर्स मेस इत्यादि का आरक्षण जिला मुख्यालय में प्रोटोकाल अधिकारी तथा अनुविभागीय मुख्यालयों में संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं अन्य स्थानों पर संबंधित तहसीलदार के द्वारा किया जाएगा। कक्षों के आरक्षण में निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, निर्वाचन आयोग कार्यालय के अधिकारी एवं निर्वाचन कार्य से संबंधित अन्य अधिकारियों की प्राथमिकता निर्धारित की जाएगी। कलेक्टर ने यह ध्यान रखने कहा है कि निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारीगण, प्रेक्षक आदि के लिए कक्ष सदैव आरक्षित रखें जाएंगे। इसके उपरांत यदि कक्ष उपलब्ध रहते हैं, तो अन्य व्यक्तियों को उल्लेखित किए गए अनुसार आबंटित किए जा सकते है। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक सम्पूर्ण जिले में प्रभावशील रहेगा।

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