देहरादून,। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपनी नियमित बिजली आपूर्ति योजना में पावर एक्सचेंज के उपयोग को बढ़ाया है। डेटा-आधारित खरीद रणनीतियों के सहारे यूपीसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में 160 करोड़ से अधिक की बचत की है। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र बेचकर 125 करोड़ की अतिरिक्त आय भी अर्जित की है।
सौर, जल, पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बेहतर आपूर्ति और कोयला आधारित उत्पादन की स्थिरता के कारण अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान डे-अहेड मार्केट और रियल-टाइम मार्केट में बिजली की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई। इस विकास पर टिप्पणी करते हुए यूपीसीएलके प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि “हमारे पावर प्रोक्योरमेंट डिवीजन, जिसका नेतृत्व हमारे निदेशक (प्रोजेक्ट्स) अजय कुमार अग्रवाल कर रहे हैं, ने मौसम की स्थिति का विश्लेषण सहित वैज्ञानिक और डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाया है, ताकि मांग और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखते हुए किफायती दरों पर बिजली खरीदी जा सके। पावर एक्सचेंज के डे-अहेड मार्केट और रियल-टाइम मार्केट जैसे बाजार खंडों का उपयोग करते हुए तथा लंबी अवधि के अनुबंधों की खोज करके हमने मांग और आपूर्ति की अनिश्चितताओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता बढ़ाई है।”
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