window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं | T-Bharat
March 16, 2026

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अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं

 

देहरादून,। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। एमडीडीए की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों, अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत सड़क कटान और नियमों के विपरीत किए गए निर्माणों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास केवल निर्धारित मानकों और स्वीकृत मास्टर प्लान के अनुरूप ही होगा। एमडीडीए को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ भू-माफिया और निजी डेवलपर्स नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। इन गतिविधियों से न केवल शहर की भौगोलिक संरचना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित कर अवैध रूप से भूखंड बेचे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने विशेष प्रवर्तन टीमें गठित की हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्रवार निरीक्षण कर रही हैं।
प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में बनाई गई आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल और प्लॉटिंग के अन्य ढांचे ध्वस्त किए गए। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें और एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि करें। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी अव्यवस्था को बढ़ावा देती है, बल्कि जल निकासी, यातायात, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस, सीलिंग और विधिक प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। एमडीडीए यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्वे और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुनियोजित, सुरक्षित व पर्यावरण संतुलित विकास को बढ़ावा देना है।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा। जो लोग नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार0 की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि एमडीडीए से अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी है। प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि शहर का सुनियोजित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है।

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