window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में पढ़ाई और काम करने को 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की | T-Bharat
March 24, 2026

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जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में पढ़ाई और काम करने को 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की

देहरादून,। देहरादून के तीन दिवसीय दौरे पर आए एक उच्च स्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर द्वारा दी जाने वाली इन छात्रवृत्तियों के अंतर्गत दून विश्वविद्यालय के छात्र उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसर जर्मनी में तलाशने के लिए प्राप्त कर सकेंगे।
यह घोषणा दून विश्वविद्यालय में आयोजित “गेटवे टू जर्मनी दृ ब्रिजिंग स्किल गैप्स, बिल्डिंग फ्यूचर्स” नामक संवादात्मक सत्र के दौरान की गई, जिसमें 500 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रवृत्ति के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों का शिक्षा शुल्क, वीज़ा शुल्क, यात्रा, आवास और अन्य सभी खर्चों का वहन किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहाः “वैश्विक स्तर पर नौकरियों के अवसरों में सफल होने के लिए भाषा दक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड, जर्मनी के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। कल हम जर्मनी के साथ एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे जिससे प्रौद्योगिकी, उभरते क्षेत्रों और कौशल विकास में दीर्घकालीन सहयोग स्थापित हो सके।” जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड शामिल थे। प्रतिनिधियों ने कहा कि जर्मनी शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल निर्माण, ऑटोमोबाइल समाधान और नवाचार आधारित उद्यमों जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के साथ साझेदारी करने का इच्छुक है। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना और भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत करना है। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार सचिव सी. रवि शंकर, उच्च शिक्षा सचिव रंजीत कुमार सिन्हा और दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल भी उपस्थित रहीं

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