window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा पंचायत चुनाव करवाना ही नहीं चाहतीः सूयकांत धस्माना | T-Bharat
January 30, 2026

TEHRIRE BHARAT

Her khabar sach ke sath

प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा पंचायत चुनाव करवाना ही नहीं चाहतीः सूयकांत धस्माना

देहरादून,। प्रदेश में कल से शुरू होने वाली पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में रद्द करने पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि असलियत तो यह है कि प्रदेश की भाजपा सरकार राज्य में पंचायत चुनाव करवाना ही नहीं चाहती थी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही सरकार चुनाव से भाग रही थी और हाई कोर्ट की लताड़ के बाद जब सरकार ने चुनाव करवाने की शुरुआत की तो उसमें जानबूझ कर एससी एसटी और ओबीसी आरक्षण का रोस्टर ही शून्य कर दिया जिसके कारण लोग कोर्ट गए और आज यह नौबत आई कि सरकार को चुनाव ही स्थगित करने पड़े। उत्तराखंड में पंचायती राज मंत्री कौन है और पंचायती राज अधिनियम की नियमावली कहां और क्या है यह सवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने राज्य की धामी सरकार से करते हुए प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की नौकरशाही ने प्रदेश सरकार चला रहे राजनैतिक नेतृत्व को पंगु बना छोड़ा है जिसके कारण आए दिन सरकार की छीछालेदर होती है जिसे राज्य के पंचायती चुनावों को लेकर हो रही है । श्री धस्माना ने कहा कि पहले तो सरकार ने पंचायत चुनाव समय पर ना करवा कर अपनी किरकिरी की फिर एक अजूबा किया कि जिला पंचायत अध्यक्षों ब्लॉक प्रमुखों व ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया और फिर दूसरी बार जब प्रशासकों का कार्यकाल खत्म हुआ तो पंचायतों को कई दिनों तक लावारिस छोड़ कर अधिकारियों को प्रशासक बनाया और अब जब माननीय उच्च न्यायालय की लताड़ के बाद चुनाव करने का निर्णय लिया तो आरक्षण का रोस्टर ही शून्य करवा दिया जिससे पूरे प्रदेश में असंतोष और आक्रोश फैल गया जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई। श्री धस्माना ने कहा कि सोमवार को जब उच्च न्यायालय ने सरकार से सवाल किया कि पंचायत चुनाव की नियमावली कहां है तो सरकार ने हास्यास्पद जवाब देते हुए कहा कि नियमावली नोटिफाई हो गई किन्तु प्रेस वालों ने छापी नहीं। श्री धस्माना ने कहा कि सरकार के जवाब से असंतुष्ट न्यायालय ने चुनाव पर रोक लगा दी । श्री धस्माना ने कहा कि यह सरकार का दिमागी दिवालियापन है कि पूरे प्रदेश के लोगों को कोर्ट के स्टे के बाद अब जब नामांकन के लिए चौदह घंटे मात्र बचे हैं तब पता चल रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव रद्द कर दिए हैं।

news
Share
Share