देवभूमि उत्तराखंड में शराब की फैक्ट्री नहीं लगने दी जायेगी, चाहें हमें कितनी बड़ी कुर्बानी ही क्यों न देंनी पड़े।यह कहना है देवभूमि सिविल सोसाइटी के प्रमुख जेपी बड़ोनी का।उन्होंने कहा कि वर्तमान रावत सरकार में नोकरशाही हावी है। ज़ीरो टॉलरेंस की सरकार में भष्टाचारचरम पर है।तभी तो राज्य को तबाह करने पर तुली हैं यह सरकार। युवाओं को रोजगार ना देकर उसकी जगह नशे का कारोबार किया जा रहा है। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हमें अनशन करते हुए आज 19दिन हो गए हैं ,जबकि मुख्यमंत्री रोज हरिद्वार में आ रहे हैं।उनके पास भी हम आआंदोलनकारियों के लिए भी समय नहीं है कि वह हमारी बात सुने। पर्वर्तीय इलाको में माँ गंगा के समानांतर नशे *शराब *की गंगा बहाने की पूरी तैयारी इस सरकार ने कर रखी है।जिसका हम अंतिम सांस तक विरोध करेंगे।आज अनशन स्थल पर समाज सेवी अमित गुप्ता ने भी पहुंच कर अपना समर्थन दिया।उन्होंने कहा कि वह भी देवभूमि उत्तराखंड में शराब के कारखाने लगाने के विरोध में है।राज्य के युवाओं को रोजगार चाहिए ना कि नशा।उन्होंने कहा कि नशा वह मीठा ज़हर है जिससे युवा पीढ़ी ना केवल बर्वाद हो रही हैं बल्कि परिवार के परिवार खत्म हो रहे है। राज्य सरकार को अपनी शराब नीति पर पुनः विचार करना चाहिए।विदित हो कि कल फ़ायर ब्रांड हिन्दू वादी नेता साध्वी प्राची ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।वहीं दूसरी ओर शाम को एक विशाल मशाल जुलूस भी निकाला गया था।जिसमें बाबा हठयोगी, अरविंद शर्मा, पार्षद उदयवीर,प्रेमचंद सैनी,आचार्य धीरज , समाज सेवी विशाल गर्ग , धीरज पंत,यूकेडी नेता सरिता पुरोहित,चमन गिरी ,राजकुमार, विपिनसैनी,सूरज कुमार, दीपक शर्मा आदि ने भी मशाल जुलूस में भाग लिया था।
जब तक सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती आंदोलन जारी रहेगा-जे पी बड़ोनी

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