देहरादून,। प्रदेश की खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में खाद्य नागरिक आपूूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक की जिसमें ऑल इण्डिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, उत्तराखण्ड के पदाधिकारी तथा सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। मंत्री ने कहा कि लाभांश तथा भाड़े के भुगतान न होने के संबंध में राशन विक्रेताओं की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए विभाग द्वारा जून 2024 तक के परिवहन व्यय तथा सितम्बर 2024 तक के लाभांश का भुगतान कर दिया गया है शेष भुगतान की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से बजट प्राप्त होने पर शेष भुगतान को जल्द से जल्द करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड के समय के लाभांश का भी भुगतान जल्द कर दिया जायेगा।
खाद्य मंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश के लगभग सभी 193 गोदामों में धर्मकांटा लगाने के संबंध में अधिकारियों को परीक्षण कर गोदाम की क्षमता के अनुसार 31 मार्च 2025 तक धर्मकांटा लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धर्मकांटा लगने से राशन विक्रेताओं तथा लाभार्थियों को घटतौली का शिकार नहीं होना पड़ेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के राशनकार्ड धारकों का 10 दिन के भीतर राशनकार्ड बनाया जाता है राशनकार्ड को पीवीसी के रूप देने के लिए जिला आपूर्ति अधिकारियों द्वारा मशीन खरीदने की मांग की गई है जिसपर मंत्री ने अधिकारियों को जिला स्तर पर मशीन खरीदने तथा राशनकार्ड को पीवीसी के रूप में वितरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ई-पॉज मशीन के द्वारा राशन वितरण किया जायेगा जिस हेतु ट्रेनिंग की व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि पीडीए सिस्टम पारदर्शी बना रहे तथा यह सुव्यवस्थित तरीके से संचालित होता रहे तथा लाभार्थियों को किसी भी तरह की असुविधाओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि एसएफआई के तहत कार्ड को मिलने वाले राशन की धनराशि को बढ़ाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है जिनपर मंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द से जल्द इसका लाभ राशन डीलरों को लगभग 180 रूपये प्रति कुंटल प्राप्त हो सकेगा। मंत्री ने कहा कि पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में रिक्त राशन डीलरों के पदों पर महिलाओं को आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जानी थी जिस पर प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर परीक्षण हेतु भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सस्ता गल्ला विक्रेताओं में महिलाओं को सहभागी बनाया जायेगा। इस अवसर पर सचिव खाद्य एल फनई, कमिशनर खाद्य हरिचन्द्र सेमवाल, अपर आयुक्त पीएस पांगती, अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, ऑल इण्डिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, उत्तराखण्ड के अध्यक्ष रेवाधर ब्रजवासी तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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