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January 30, 2026

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नईदिल्ली। नौसेना का एक प्रमुख युद्धपोत आईएनएस तरकश स्वीडन के कार्लस्क्रोना बंदरगाह पर पहुंचा। 15 वर्षों से भी अधिक के अंतराल के बाद भारतीय नौसेना के किसी जहाज की स्वीडन के तटों की यह पहली यात्रा है।

इस युद्धपोत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान समुद्रों को सुरक्षित बनाने के साझा लक्ष्य का अनुपालन करते हुए दोनों देशों के बीच समुद्रीय सहयोग को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए पेशेवर बातचीत, खेल और सामाजिक भागीदारी की योजना बनाई गई है। यह यात्रा मित्र देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की स्थापना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए भारतीय नौसेना के मिशन का एक हिस्सा है। मौजूदा यात्रा मित्र देशों के साथ भारत की शान्तिपूर्ण उपस्थिति और एकजुटता को मजबूती प्रदान करती है। इस प्रकार भारत और स्वीडन समुद्रीय माहौल की बढ़ती हुई चुनौतियों से निपट सकते हैं।

कैप्टन सतीश वासुदेव की कमान वाला आईएनएस तरकश नौसेना के एक अति आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट से लैस है। यह तीनों आयामों में खतरों से निपटने के लिए सक्षम हथियारों और सेंसर की बहुमुखी रेंज से भी लैस है। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की पश्चिमी बेड़े का एक हिस्सा है जो पश्चिमी नौसेना कमान की फ्लैग ऑफिसर कमानडिंग-इन-चीफ की परिचालन कमान के अधीन है। भारत और स्वीडन ने कई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय भ्रमण और वार्ताएं की हैं, जिनके परिणामस्वरूप व्यापक परिप्रेक्ष्य में संबंधों में तेजी से प्रगति हुई है। दोनों देशों की नौसेनाएं समुद्री डकैती के विरुद्ध वैश्विक अभियानों में नियमित रूप से अपना योगदान कर रही हैं।

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