केंद्रीय स्वास्थ्य मंंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की देशभर की सभी लैब में अब निजी क्षेत्र के युवा वैज्ञानिकों व उद्यमियों को भी शोध करने की सुविधा मिलेगी। मंत्रालय ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। शोध व नवाचार से स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। ड्रोन और टेलीमेडिसिन तकनीक आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाएगी।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दुनिया के लोग रिसर्च और इनोवेशन के लिए भारत आ रहे हैं। ड्रोन के जरिये कुछ मिनटों में दुर्गम क्षेत्र से ब्लड सैंपल एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया है। सैंपल जांच के बाद रिपोर्ट मरीजों को मोबाइल पर उपलब्ध हो रही है। टेली कंसल्टेंसी के जरिये दून में बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर परामर्श दे रहे हैं। जिससे मरीजों को घर द्वार पर इलाज की सुविधा मिल रही है। आने वाले समय में इस तकनीक से क्रांति आएगी।
उत्तराखंड में दिखता है विकास

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