वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद रेलवे क्षेत्रीय स्तर पर भी ऐसी ही अत्याधुनिक सुविधाओं से भरपूर वंदे मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी रहा है। वंदे मेट्रो को ऐसे दो शहरों के बीच चलाया जाएगा जिनके बीच की दूरी 100 से 300 किलोमीटर होगी। उत्तराखंड में देहरादून से काठगोदाम के बीच वंदे मेट्रो चलाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है।
वंदे मेट्रो ट्रेन का डिजाइन जून अंत तक सामने आ जाएगा। यह ट्रेन भारतीय रेल के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली साबित होगी। वंदे मेट्रो ट्रेन का इंजन पूरी तरह से हाइड्रोजन बेस्ड होगा। जिसके चलते प्रदूषण जीरो होगा।
तीन हो जाएगी ट्रेनों की संख्या


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