window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड में सौर ऊर्जा नीति लागू हो जाएगी | T-Bharat
August 23, 2026

TEHRIRE BHARAT

Her khabar sach ke sath

कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड में सौर ऊर्जा नीति लागू हो जाएगी

अगले महीने प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति आ सकती है। सभी पहलुओं पर इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह नीति रखी जाएगी। सरकार ने माना है कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 2000 मेगावाट तक की क्षमता है।

इसमें बड़े प्रोजेक्ट के लिए 600 मेगावाट, आवासीय प्रोजेक्ट के लिए 250 मेगावाट, कॉमर्शियल व इंडस्ट्री प्रोजेक्ट के लिए 750 मेगावाट, इंस्टीट्यूशंस के लिए 350 मेगावाट और एग्रीकल्चर के लिए 50 मेगावाट की क्षमता आंकी गई है। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रख कर सौर ऊर्जा नीति तैयार की जा रही है।

नई पॉलिसी में स्थानीय युवाओं के रोजगार की भी गारंटी दी गई है। इसमें कहा गया है कि जो भी सरकारी भूमि को लीज पर लेकर अपना सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा, उसे 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। उरेडा अपने टेंडर में इस शर्त को जारी करेगा।

सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सौर ऊर्जा नीति शासन में विभागीय प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसका मसौदा रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में सौर ऊर्जा नीति लागू हो जाएगी।

सीएम सौर स्वरोजगार योजना में होगा संशोधन

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत दस हजार सोलर प्लांट लगाने की योजना थी लेकिन इसके मुकाबले महज 120 प्लांट ही लग पाए हैं। अब सीएम सौर स्वरोजगार योजना में संशोधन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 27 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हितधारकों के भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद योजना में संशोधन का प्रस्ताव दो मार्च की कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

news
Share
Share