window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); तिरंगा यात्रा शंखनाद-गरिमा मेहरा दसौनी | T-Bharat
March 2, 2026

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तिरंगा यात्रा शंखनाद-गरिमा मेहरा दसौनी

देहरादून। नव संकल्प चेतना शिविर उदयपुर के दौरान लिए गए अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संकल्प की 9 से 15 अगस्त तक पूरे देश में तिरंगा यात्रायें आयोजित की जायेंगी उनका शंखनाद हो चुका है। इसी कड़ी में उत्तराखंड कांग्रेस ने भी क्रांति दिवस के दिन यात्रा का शुभारंभ बहुत जोर शोर से किया अलग-अलग जिलों में उत्तराखंड कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने तिरंगा यात्रा का बिगुल फूंका। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने बताया की एक ओर जहां कार्यकर्ताओं का हुजूम रुद्रप्रयाग से चमोली चमोली से पौड़ी, पौड़ी से टिहरी, टिहरी से चकराता,
चकराता से लेकर हल्द्वानी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, नैनीताल सब तरफ उमड़ा हुआ है वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने फेसबुक ट्विटर, इंस्टाग्राम तमाम सोशल मीडिया साइट्स पर तिरंगे की आन बान शान में हैशटैग मुहिम चलाकर उसे प्रचारित प्रसारित करने में जी जान लगा रखी है।
दसौनी ने बताया कि उत्तराखंड मीडिया कमेटी एवं सोशल मीडिया कमेटी द्वारा अध्यक्ष करण मेहरा जी के निर्देशानुसार संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया 8 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक लगातार प्रतिदिन नए हैशटेक के साथ तिरंगे का गौरव और महिमामंडन किया जाएगा। दसोनी ने बताया कि 8 अगस्त को रुतिरंगाऋमेराऋअभिमान सफल रहा।9 अगस्त को रुतिरंगाऋशंखनाद अभी भी अपने चरम पर ट्रेंड कर रहा है। दसोनी ने कहा की देश का हर कांग्रेस का कार्यकर्ता जानता है कि तिरंगा उसकी धरोहर है ,पूर्वजों के द्वारा दी गई सौगात है ऐसे में उसका संरक्षण और संवर्धन हर कांग्रेस के कार्यकर्ता की नैतिक जिम्मेदारी और कर्तव्य है। दसौनी ने कहा कि इस देश का इतिहास कांग्रेस का इतिहास है
अगर आजादी के आंदोलन से कांग्रेस को हटा दिया जाए तो कुछ नहीं बचेगा। 1929 में कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए लोगों से आह्वान किया कि 26 जनवरी 1930 को तिरंगा झंडा फहराएँ, स्वतंत्रता दिवस मनाएँ।दसौनी ने ये भी कहा की बिना संघर्ष आजादी लेना और आजादी कायम रखना दोनों असम्भव है, आज अगर देश को तानाशाही से बचाना है, तो एक जन आंदोलन से निकलीं राष्ट्रीय पार्टी को पुनः एक बडे़ जन आंदोलन की आवश्यकता है, वो ही इन क्रांतिकारियों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी ,ऐसे वीरों को सादर नमन।

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