हल्द्वानी। उत्तराखंड में मॉनसून से निपटने को लेकर अभी से तैयारियां मुकम्मल की जा रही हैं। इसी कड़ी में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को आने वाले मॉनसून और आपदा के मद्देनजर अभी से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। वहीं, उन्होंने हादसे को दावत दे रहे पेड़ों को भी हटाने के निर्देश भी दिए।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि मॉनसून से पहले पर्वतीय और मैदानी इलाकों में किस-किस तरह की तैयारियां की जानी हैं, इसको ध्यान में रखते हुए सभी जिलाधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। आपदा से निपटने के लिए किन चीजों की जरूरत है, उसकी डिमांड की जानकारी भी अधिकारियों से मांगी गई है। साथ ही कि पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में अतिरिक्त सैटेलाइट फोन की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आपदा के दौरान पहाड़ी जिलों का मैदानी जिलों से संपर्क कट जाता है, जिसको ध्यान में रखते हुए मॉनसून से पहले पहाड़ी इलाकों में खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही विभागों से तत्काल एक्शन लेने को कहा गया है कि आंधी-तूफान या बारिश के दौरान किसी भी तरीके की कोई अप्रिय घटना न घटित हो। एनिमल रेस्क्यू वैन और एंटी वेनम (सांप के काटने की दवा) की व्यवस्था भी मॉनसून से पहले करने के निर्देश सभी सीएमओ को दिए गए हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि कमजोर और डेंजर पेड़ों को लॉपिंग करने को भी कहा गया है।
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