window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); रोशनाबाद: पूर्व अनुज्ञापी ने लगाया, 11 करोड़ का ठेका 7 करोड़ में देने का आरोप | T-Bharat
August 9, 2026

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रोशनाबाद: पूर्व अनुज्ञापी ने लगाया, 11 करोड़ का ठेका 7 करोड़ में देने का आरोप

रोशनाबाद: पूर्व अनुज्ञापी ने लगाया, 11 करोड़ का ठेका 7 करोड़ में देने का आरोप

रोशनाबाद: पूर्व अनुज्ञापी ने लगाया, 11 करोड़ का ठेका 7 करोड़ में देने का आरोप

हरिद्वार,(Amit kumar): रोशनाबाद में विदेशी मदिरा की दुकान आवंटन का मामला गर्माता जा रहा है। ‌जिसमें पूर्व अनुज्ञापी ने
जिला आबकारी अधिकारी एवं बाबू पर मानकों के विपरीत 11 करोड़ की अनुमानित राशि वाली दुकान और 7 करोड़ में देने का आरोप लगाया है और बकाया 4 करोड़ की वसूली के लिए उन पर दबाव डाला जा रहा है।

प्रेस क्लब हरिद्वार के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान विदेशी मदिरा की दुकान, रोशनाबाद के ठेकेदार राजेंद्र कुमार और उनके सहयोगी मोहित जायसवाल ने जिला आबकारी अधिकारी और बाबू पर दुकान नियम विरुद्ध दुकान आवंटित करने का आरोप लगाया है । पुर्व अनुज्ञापी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने सहयोगी स्वाति चौहान के साथ वित्तीय वर्ष 2021-22 और 22-23 के लिए विदेशी मदिरा की दुकान रोशनाबाद ठेका प्राप्त किया था। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उन्होंने 28 मार्च को ठेका निरस्त करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को आवेदन पत्र दिया। जिला आबकारी अधिकारी ने उनका ठेका निरस्त कर दिया और 29 मार्च को ही दुकान बंद करने का आदेश दे दिया। इसके चलते ठेका अवधि 31मार्च के तीन दिन पूर्व दुकान बंद कर दिया। इसके चलते उन्हें प्रतिदिन सवा तीन लाख रू का नुकसान हुआ। इसके साथ ही करीब 30 लाख रूपए का माल दुकान में मौजूद था। जिसका भी उन्हें नुकसान हुआ। राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने राजस्व विभाग का सभी बकाया भी चुका दिया। उन्होंने बताया कि
जिला आबकारी अधिकारी ने बाबू के साथ मिलकर ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर बहुत नियमों को ताक पर रखकर 11 करोड़ का ठेका मात्र 7 करोड रुपए में एक अन्य व्यक्ति के नाम आवंटित कर दिया। जबकि पूर्व में यह आबंटन 13 करोड़ में उनके पास था। ‌बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक ठेका उसकी न्यूनतम राशि ₹11करोड़ है उसे 7 करोड़ में कैसे दिया गया। राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र देकर जांच की मांग की है। अगर ओपन नीलामी हुई तो यह दुकान आज भी 10 करोड़ से ऊपर जाएगी। ‌ राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन पर जबरन 4 करोड़ रुपए का बकाया भी बताया जा रहा है। हालांकि उन्हें भी नोटिस नहीं मिला है लेकिन इसमें सच्चाई हुई तो वह मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे।

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