window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'UA-96526631-1'); प्राकृतिक गुलाल से मनाएं HOLI का जश्न | T-Bharat
February 18, 2026

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प्राकृतिक गुलाल से मनाएं HOLI का जश्न

प्राकृतिक गुलाल से मनाएं HOLI का जश्न

प्राकृतिक गुलाल से मनाएं HOLI का जश्न

भोपाल: आपको रसायनिक रंग व बाजार के गुलाल से परहेज है तो हल्दी, पलाश के फूल व पालक के रसों से तैयार प्राकृतिक गुलाल से HOLI का जश्न मना सकते हैं। यह गुलाल भोपाल में लघु वनोपज संघ की नर्सरी में तैयार किया है जो संजीवनी आउटलेट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। कीमत भी बहुत कम है। 50 ग्राम गुलाल सिर्फ 25 रुपये में खरीद सकते हैं। यह बाजार के गुलाल की कीमत की तुलना में थोड़ा महंगा है। लेकिन फायदेमंद है। प्राकृतिक गुलाल की बिक्री हर्बल ब्रांड के नाम से की जा रही है। बाजार में नकली हर्बल गुलाल भी खपाया जा सकता है इसलिए जब भी प्राकृतिक गुलाल खरीदें तो संजीवनी आउटलेट से बिल भी लें।

 

 

कोरोना काल में इसकी खपत घटकर औसतन दो क्विंटल आ गई थी। इस बार चार क्विंटल गुलाल तैयार किया है। 50 फीसद संजीवनी आउटलेट पर उपलब्ध कराया जा चुका है। लघु वनोपज संघ की नर्सरी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में है। यहां लाल, हरे, सिंदूरी, पीले रंगों में प्राकृतिक गुलाल तैयार किए गए हैं। प्रत्येक रंग का गुलाल एक-एक क्विंटल तैयार किया है। नर्सरी प्रभारी केवीएस परिहार बताते हैं कि हर वर्ष औसतन आठ क्विंटल गुलाल होली के दौरान बिकता था लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद से मांग पूरी तरह कम हो गई थी। अब कोरोना पूरी तरह से नियंत्रण में है इसलिए चार क्विंटल गुलाल तैयार करवाया है।

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