-सुशील उपाध्याय शब्दों की राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी हैसियत भी होती है। बदलते समय...
Ajab-Gajab
-सुशील उपाध्याय जिंदगी एक साथ इतनी तरह के रंग और दृश्य लेकर आती है...
जैसा सोचोगे वैसा ही होगाअच्छा सोचोगे अच्छा ही होगाबुरा सोचोगे बुरा ही होगाजैसा चाहते...
—-श्रीगोपाल नारसनजिसका डर था वही हुआकिसान क्यों हिंसक हुआशर्मनाक है हिंसक होनालालकिले में दाखिल...
पाल की ये नौकाकुछ कर गुजरने का मौकाजिन्दगी है इस कदर रूमानीकभी नाव लहर...
पीछे हट गया चीन शैतानदेख ताकत निकल गई जानसारा कब्जा छोड़ना होगावर्ना परिणाम भुगतना...
अच्छा चिंतन करने सेअच्छे बन जाते विचारइसी राह पर चलने सेकरते हम सद्व्यवहारसबके भले...
प्रेम से अच्छा कुछ नहीप्रेम ही सुख का आधारगैरो को अपना बना लेबहती अपनत्व...
कोरोना ने लील लीमीडिया की रफ़्तारचंद पन्नो में सिमट गएबड़े बड़े अखबारपत्रकारिता पर भी...
कोरोना के इस वायरस की घटना अपनी जुबां सुनाता हूँसभी देशवासियों पर क्या बीत...
